DM कैसे बनें? DM, SDM और तहसीलदार की पगार कितनी है

By | May 30, 2021

DM कैसे बनें? DM, SDM और तहसीलदार की पगार कितनी है? – आज के समय में बहुत सारे छात्र DM SDM या तहसीलदार बनाना चाहते हैं। इससे पहले वे यह भी जानना चाहते हैं कि DM, SDM या तहसीलदार कैसे बना जाता है और इनकी पगार कितनी है? DM को भारत की सबसे बड़ी सरकारी नौकरी माना जाता है क्योंकि इसके कार्य क्षेत्र और अधिकार अन्य किसी नौकरियों से काफी अधिक होते हैं।

इसके अलावा SDM भी प्रदेश स्तर की सबसे बड़ी नौकरी मानी जाती है। तहसीलदार के पद को भी तहसील स्तर पर बड़ा माना जाता है। इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं सभी के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।

DM कैसे बनें?

DM बनने के लिए सबसे पहले आपको UPSC सिविल सर्विसेज एक्जाम (CSE) देना पड़ता है। इसमें तीन चरण में परीक्षा कराई जाती है- प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार। प्रारंभिक परीक्षा में पास होने के बाद मुख्य परीक्षा में बैठने का अवसर मिलता है। इसके बाद मुख्य परीक्षा में पास होने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार में बैठने का अवसर प्राप्त होता है।

मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के अनुसार मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है। मेरिट लिस्ट में रैंक के अनुसार IFS, IAS, IPS, इत्यादि का पद मिलता है। IAS की रैंक में आने के बाद उन्हें IAS स्तर के छोटे पद पर नौकरी मिलती है इसके बाद अनुभव के अनुसार उनकी पदोन्नति होती है और वह District Magistrate बनते हैं।

DM का क्या काम है?

District Magistrate (DM) जिले का सबसे बड़ा अधिकारी होता है। उसका काम जिले में कानून और व्यवस्था का रखरखाव करना है। District Magistrate जिले में सभी विभागों को नियंत्रित करता है और उसकी कार्यप्रणाली पर नजर रखता है। जिले में होने वाले सभी सरकारी कामों को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी District Magistrate की ही होती है। जिले के पुलिस, सभी जेल एवं लॉक अप के प्रशासन पर भी उनका अधिकार होता है।

DM का वेतन कितना होता है?

जैसा कि हमने आपको बताया कि DM जिले का सबसे बड़ा अधिकारी होता है इसीलिए उसे अच्छा वेतन भी मिलता है। सातवें वेतनमान के अनुसार District Magistrate का वेतन ₹1,00,000 से लेकर ₹1,50,000 तक होती है। इसके अलावा उसे कई प्रकार की सरकारी सुविधाएं भी मिलती है जिसमें आवाज गाड़ी सुरक्षा गार्ड और फूल इत्यादि शामिल हैं। इसके अलावा District Magistrate को कई अन्य प्रकार के भत्ते भी मिलते हैं।

SDM कैसे बने?

यदि आप SDM (Sub-devisional Magistrate) बनना चाहते हैं तो इसके लिए आपको PCS की परीक्षा देनी पड़ती है। इसमें तीन चरणों में परीक्षा आयोजित कराई जाती है प्रारंभिक मुख्य और साक्षात्कार। प्रारंभिक परीक्षा में पास होने वाले छात्रों को मुख्य परीक्षा में बैठने का अवसर मिलता है। मुख्य परीक्षा में पास होने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार देने का मौका मिलता है।

मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंको को मिलाकर मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है और उस मेरिट लिस्ट में सबसे ऊपर रहने वाले उम्मीदवारों को SDM बनाया जाता है। इसके अलावा आप द्वितीय स्तर की परीक्षा जिसे लोअर PCS भी कहा जाता है, में पास होने के बाद उसी स्तर का अधिकारी बनाया जाता है और फिर प्रमोट होकर SDM बना दिया जाता है।

SDM का कार्य

SDM जिले के राजस्व विभाग का मुखिया होता है। इसके अलावा उसके पास District Magistrate के जैसे ही शक्तियां मिलती हैं। SDM को उपविभागीय अधिकारी कहा जाता है जिसे लघु जिलाधिकारी भी कह सकते हैं। जिले में राजस्व से संबंधित कानून को बनाए रखना SDM का कार्य है।

SDM का वेतन और सरकारी सुविधाएं

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि SDM को राज्य सरकार द्वारा वेतन दिया जाता है इसीलिए अलग-अलग राज्यों में SDM को अलग-अलग वेतन मिलता है। लेकिन साधारण तौर पर उन्हें ₹50,000 से लेकर ₹60,000 तक की सैलरी मिलती है इसके अलावा उन्हें कई प्रकार के भत्ते भी दिए जाते हैं। इतना ही नहीं उन्हें सरकारी आवास सरकारी गाड़ी और फोन भी मिलता है।

तहसीलदार और नायब तहसीलदार कैसे बने?

तहसीलदार किसी भी तहसील का प्रभारी अधिकारी होता है। तहसीलदार और नायब तहसीलदार के कार्यों में किसी भी प्रकार का कोई अंतर नहीं है। राजस्व के मामलों में दोनों ही सहायक कलेक्टर ग्रेड 2 की शक्तियों का प्रयोग क्षेत्रीय राजस्व अधिकारियों के रूप में करते हैं। विधानसभा चुनाव के समय तहसील के अंतर्गत आने वाले निर्वाचन क्षेत्रों के लिए तहसीलदार को या नायब तहसीलदार को सहायक रिटर्न अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाता है। विधानसभा चुनाव के समय उनका काम निर्वाचन क्षेत्रों में सही तरह से चुनाव कराने की जिम्मेदारी मिलती है।

तहसीलदार और नायब तहसीलदार की सैलरी कितनी है?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तहसीलदार को ₹15,600 से लेकर ₹39,100 की प्रतिमा सैलरी मिलती है। इसके अलावा नायब तहसीलदार की सैलरी ₹9,300 से लेकर ₹34,800 प्रति माह होती है। नायब तहसीलदार का ग्रेड पे 4,800 रुपए होता है। एक नायब तहसीलदार पदोन्नति करके तहसीलदार बन सकता है। इसके बाद इसके वेतन में और भी बढ़ोतरी हो जाती है। तहसीलदार और नायब तहसीलदार को महंगाई भत्ते सहित कई अन्य प्रकार के भत्ते भी दिए जाते हैं।

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